बहरामपुर लोकसभा सीट की राजनीतिक गलियारे में एक नई गल्ती?
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बहरामपुर लोकसभा सीट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच, ऐसी खबरें आ रही हैं कि ममता बनर्जी ने यूसुफ पठान को बहरामपुर सीट छोड़ने का संदेश पहुंचाया था। लेकिन इस खबर को सौरव गांगुली ने खारिज कर दिया है। सौरव गांगुली ने अपने बयान में कहा कि यह खबरें बिल्कुल भी सच नहीं हैं। बहरामपुर लोकसभा सीट को लेकर राजनीतिक गलियारे में एक नई गल्ती की चर्चा हो रही है, जिसे साफ करने की जरूरत है।
ममता बनर्जी की चुनौती
ममता बनर्जी की चुनौती के बीच सौरव गांगुली ने अपना बयान जारी किया है. उन्होंने खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि उन्होंने पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान तक ममता बनर्जी का संदेश पहुंचाया था कि वे बहरामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दें.
| Aspect | Details |
|---|---|
| घटना | यूसुफ पठान को बहरामपुर सीट छोड़ने का संदेश पहुंचाने का आरोप |
| तिथि/समय | 06 जून 2026, 02:04 पूर्वाह्न (आईएसटी) |
| स्थान | पश्चिम बंगाल, बहरामपुर लोकसभा सीट |
| मुख्य व्यक्ति/संगठन | सौरव गांगुली, यूसुफ पठान, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), ममता बनर्जी |
| स्थिति | सौरव गांगुली ने आरोपों को खारिज किया है |
| प्रभाव/हाना | कोई जानकारी नहीं |
| आधिकारिक प्रतिक्रिया | सौरव गांगुली ने मीडिया रिपोर्टों पर सवाल उठाए हैं |
| अन्य महत्वपूर्ण विवरण | सौरव गांगुली ने कभी भी यूसुफ पठान से किसी तरह की बातचीत नहीं की, उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उनसे ऐसा कोई संदेश देने के लिए नहीं कहा |
सौरव गांगुली ने इन आरोपों को गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी यूसुफ पठान से किसी तरह की बातचीत नहीं की और न ही किसी राजनीतिक संदेश को आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उनसे ऐसा कोई संदेश देने के लिए नहीं कहा और न ही वह किसी भी राजनीतिक मामले में शामिल रहे हैं. गांगुली ने कहा कि उन्होंने कभी भी राजनीति में शामिल नहीं होने का फैसला किया है और वह केवल क्रिकेट के मैदान पर ही रहते हैं.
गांगुली ने मीडिया रिपोर्टों पर उठाए सवाल और कहा कि इस तरह की खबरें बिना पुष्टि के प्रकाशित करना पूरी तरह गलत है. उन्होंने मीडिया से अपील की कि किसी भी जानकारी को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूरी जांच की जाए. उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि प्रकाशित रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच किए बिना उन्हें सामने रखा गया.
बहरामपुर की राजनीतिक जमीन

बहरामपुर की राजनीतिक जमीन
पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच सौरव गांगुली ने अपना बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। सौरव गांगुली ने कहा कि उन्होंने कभी भी यूसुफ पठान से किसी तरह की बातचीत नहीं की और न ही किसी राजनीतिक संदेश को आगे बढ़ाया।
सौरव गांगुली का बयान
सौरव गांगुली ने इन आरोपों को गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने उनसे ऐसा कोई संदेश देने के लिए नहीं कहा और न ही वह किसी भी राजनीतिक मामले में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें बिना पुष्टि के प्रकाशित करना पूरी तरह गलत है। सौरव गांगुली ने मीडिया से अपील की कि किसी भी जानकारी को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूरी जांच की जाए।
सौरव गांगुली का बयान

सौरव गांगुली ने खारिज की खबरें
पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच सौरव गांगुली ने अपना बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह खारिज किया है। सौरव गांगुली ने कहा है कि उन्होंने कभी भी यूसुफ पठान से किसी तरह की बातचीत नहीं की और न ही किसी राजनीतिक संदेश को आगे बढ़ाया।
गांगुली की सफाई
गांगुली ने कहा है कि ममता बनर्जी ने उनसे ऐसा कोई संदेश देने के लिए नहीं कहा और न ही वह किसी भी राजनीतिक मामले में शामिल रहे हैं। उन्होंने मीडिया रिपोर्टों पर उठाए सवाल कहा कि इस तरह की खबरें बिना पुष्टि के प्रकाशित करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि किसी भी जानकारी को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूरी जांच की जाए।
यूसुफ पठान की नियुक्ति
यूसुफ पठान की नियुक्ति के पीछे की कहानी
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बहरामपुर लोकसभा सीट को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ऐसी खबरें सामने आईं कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली के जरिए सांसद यूसुफ पठान तक यह संदेश पहुंचाया था कि वे बहरामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दें, ताकि भविष्य में ममता बनर्जी को संसद भेजने का रास्ता बनाया जा सके।
सौरव गांगुली ने किया खंडन
सौरव गांगुली ने इन आरोपों को गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी यूसुफ पठान से किसी तरह की बातचीत नहीं की और न ही किसी राजनीतिक संदेश को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उनसे ऐसा कोई संदेश देने के लिए नहीं कहा और न ही वह किसी भी राजनीतिक मामले में शामिल रहे हैं। गांगुली ने मीडिया रिपोर्टों पर उठाए सवाल और कहा कि किसी भी जानकारी को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूरी जांच की जाए।
तृणमूल कांग्रेस का दांव
तृणमूल कांग्रेस के दांवबादल में तेजी से चल रही पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली के जरिए सांसद यूसुफ पठान तक यह संदेश पहुंचाने का आरोप लगाया जा रहा है कि उन्हें बहरामपुर लोकसभा सीट छोड़ने के लिए कहा गया था. हालांकि, सौरव गांगुली ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि उन्होंने कभी भी यूसुफ पठान से किसी तरह की बातचीत नहीं की और न ही किसी राजनीतिक संदेश को आगे बढ़ाया.
सौरव गांगुली ने किया खंडन सौरव गांगुली ने इन आरोपों को गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी यूसुफ पठान से किसी तरह की बातचीत नहीं की और न ही किसी राजनीतिक संदेश को आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उनसे ऐसा कोई संदेश देने के लिए नहीं कहा और न ही वह किसी भी राजनीतिक मामले में शामिल रहे हैं. गांगुली ने मीडिया रिपोर्टों पर उठाए सवाल और कहा कि इस तरह की खबरें बिना पुष्टि के प्रकाशित करना पूरी तरह गलत है. उन्होंने मीडिया से अपील की कि किसी भी जानकारी को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूरी जांच की जाए.
गांगुली ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि प्रकाशित रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच किए बिना उन्हें सामने रखा गया. उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी किसी राजनीतिक मामले में शामिल नहीं हुए और न ही उन्होंने किसी सांसद को बहरामपुर लोकसभा सीट छोड़ने के लिए कहा.
नतीजे का इंतजार
बहरामपुर लोकसभा सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बहरामपुर लोकसभा सीट को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है. ऐसी खबरें सामने आईं कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली के जरिए सांसद यूसुफ पठान तक यह संदेश पहुंचाया था कि वे बहरामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दें, ताकि भविष्य में ममता बनर्जी को संसद भेजने का रास्ता बनाया जा सके.
सौरव गांगुली ने खारिज की खबरें
सौरव गांगुली ने इन आरोपों को गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी यूसुफ पठान से किसी तरह की बातचीत नहीं की और न ही किसी राजनीतिक संदेश को आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उनसे ऐसा कोई संदेश देने के लिए नहीं कहा और न ही वह किसी भी राजनीतिक मामले में शामिल रहे हैं.

